20151219

फिल्म : दिलवाले


कलाकार : शाहरुख खान, काजोल, वरुण धवन, कृति सनोन, मुकेश तिवारी, पंकज त्रिपाठी, वरुण शर्मा, जॉनी लिवर
निर्देशक : रोहित शेट्ठी
रेटिंग : 3 स्टार

रोहित शेट्ठी ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपना सिग्नेचर अंदाज गढ़ लिया है. उनकी फिल्में देख कर आप फिल्म का शीर्षक देखे बिना भी अनुमान लगा सकते हैं कि यह रोहित शेट्ठी की फिल्म है. रोहित स्टाइलिश फिल्में बनाते हैं और अच्छी बात यह है कि वह यह दावा नहीं करते कि वह कोई मेसेज देने केक लिए या इउपदेश देने के लिए फिल्म बना रहे हैं. दिलवाले को भी उन्होंने बहुत स्टाइलिश तरीके से पेश किया है. फिल्म स्टाइलिश अधिक इसलिए भी बन गयी है क्योंकि फिल्म में शाहरुख खान और काजोल हैं.जाहिर है कि पांच सालों के बाद शाहरुख और काजोल की जोड़ी परदे पर है तो उन पर यह दबाव जरूर रहा होगा कि दोनों की जोड़ी के साथ न्याय कर सकें. और उन्होंने न्याय किया भी है. यह फिल्म शाहरुख काजोल की ही फिल्म है. नये दौर के कलाकारों को इन सितारों से सीखना चाहिए कि पांच सालों के बाद भी जब यह जोड़ी साथ आयी है तो वे किस तरह अपने अभिनय में दक्ष नजर आ रहे हैं. इस फिल्म में रोहित ने काजोल को भरपूर मौके दिये हैं. चूंकि शायद वह इस हकीकत से वाकिफ रहे होंगे कि काजोल को यूं ही किसी किरदार के लिए फिल्म से जोड़ना सही नहीं होगा. सो, उन्होंने काजोल के किरदार पर खूब ध्यान दिया है. काजोल जब जब इस फिल्म में दृश्यों में नजर आ रही हैं. वह चौंका रही हैं. वह साबित करती हैं कि खूबसूरती, छरहरापन ही अभिनय का मापदंड नहीं हैं. काजोल उन सारी भ्रांतियों को तोड़ती हैं. निजी जिंदगी में भी वह अपने स्वभाव में बहुत सहज हैं. इसलिए परदे पर भी उनकीसहजता नजर आती हैं. यह कहानी काली और मीरा की ही प्रेम कहानी है. रोहित शेट्ठी ने इसे अपने अंदाज के एक् शन से सजाया है. रोहित हैं तो गाड़ियां भी होंगी ही. इस बार रोहित की गाड़ियों को लेकर फैंटेंसी का हम और एक्सटेंशन देखते हैं. फिल्म के दोनों पुरुष किरदार ही गैरेज मेकनिक हैं, लेकिन वे रोहित की तरह ही स्टाइलिश अंदाज में खुद को मॉर्डन मेकेनिक और डिजाइनर मानते हैं. फिल्म की कहानी बुल्गारिया से शुरू होते हुए गोवा तक पहुंचती है. फिल्म में पास्ट और प्रेजेंट के बीच की कहानी है. प्यार और नफरत की कहानी है. काजोल शाहरुख की जोड़ी का जो जादू है. वह इस बार भी नजर आयेगा चूंकि फिल्म में कई रोमांटिक गाने भी हैं. इस फिल्म के सबसे बेहतरीन दृश्यों की बात करें तो उनमें शाहरुख और वरुण के बीच के भाई प्रेम के दृश्य हैं. शाहरुख ने इसी फिल्म में एक साथ दो शेड निभाये हैं, जिसमें एक में वह सीधे सादे हैं तो दूसरे में वह मारपीट करने वाले माफिया भी हैं. दोनों में वे सहज लगे हैं. खासतौर से पहले दृश्य में जहां दर्शकों को एहसास होता है कि राज काली है. वहां उन्होंने जिस तरह से पल में एक्सप्रेशन बदले हैं, यह दर्शाता है कि वह मंझे कलाकार है. फिल्म को इस लिहाज से देखने में मजा आयेगा अगर आप किसी तरह से इसके बारे में दिमाग से न सोचें. वरुण धवन और कृति फिल्म में फीलर के रूप में ही हैं. वरुण के शाहरुख के साथ वाले दृश्य फिर भी पसंद किये जायेंगे. लेकिन वरुण कृति की जोड़ी परदे पर खास नजर नहीं आयी है. उनकी केमेस्ट्री को देख कर मजा नहीं आया. रोहित इस मामले में माहिर हैं कि वे अपने सहयोगी कलाकारों को फिळ्म में पूरे मौके देते हैं. इस फिल्म में मुकेश तिवारी, पंकज त्रिपाठी ने जम कर दर्शकों का मनोरंजन किया है. शायद यही वजह है कि वह शाहरुख के साथ हर दृश्य में रखे गये थे. दोनों के साथ के दृश्य और उनके वन लाइनर काफी मडजेदार हैंखासतौर से संजयमिश्रा के डॉयलॉग पर दर्शक हंस हंस कर लोट पोट होंगे. फिल्म के क्लाइमेक्स से थोड़ी निराशा  होती है. रोहित इस फिल्म को और मनोरंजक बना सकते थे. लेकिन उन्होंने फिल्म के विजुअल्स ट्रीटमेंट पर अधिक ध्यान दिया है. कृति को दूसरी अभिनेत्री की नकल से बचना होगा. उनकी संवाद अदायगी खास नहीं लुभाती. बहरहाल फिल्म मनोरंजक है और दर्शक इसे जरूर पसंद करेंगे.

No comments:

Post a Comment