20120329

हीरे की चमक के पीछे का सच ब्लड मनी



विकीपीडिया पर जब आप इस अभिनेता का नाम सर्च करेंगे, तो इनके बारे में आपको जानकारी मिलेगी कि इनका जन्म वर्ष 1983 है और ये वर्ष 1987 से ही फ़िल्म इंडस्ट्री में ऐक्टिव हैं. यानी महज पांच साल की उम्र से ही फ़िल्मों में काम कर रहे हैं. जी हां, यहां बात हो रही है कुणाल खेमु की, जिन्होंने बतौर बाल कलाकर अभिनय की शुरुआत की और भट्ट कैंप के साथ कई बेहतरीन फ़िल्में की हैं.
अब फ़िल्म ब्लड मनी से एक बार फ़िर कुणाल खेमु की भट्ट कैंप में वापसी हो रही है. पेश है अनुप्रिया अनंत की कुणाल से हुई बातचीत के मुख्य अंश..
कुणाल ने भट्ट कैंप के साथ कई फ़िल्मों में काम किया है, क्योंकि उन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही अभिनय की शुरुआत कर दी थी. इंडस्ट्री में उन्हें 25 साल हो चुके हैं. लंबे अरसे के बाद वह ब्लड मनी फ़िल्म में मुख्य किरदार की भूमिका में दिखेंगे. कुणाल का मानना है कि डायमंड माफ़िया पूरी दुनिया में हैं और यह फ़िल्म उनकी हकीकत दिखायेगी. साथ ही यह फ़िल्म ये भी दर्शायेगी कि जो हीरा चमकता है, वह वाकई खरा ही हो, ये जरूरी नहीं.
लंबे अरसे के बाद आप मुख्य किरदार में नजर आ रहे हैं. इसकी कोई खास वजह कि आप पिछले कुछ सालों में केवल मल्टी स्टारर फ़िल्मों में नजर आये ?
नहीं, कोई खास वजह नहीं रही. हां, क्योंकि मैं काफ़ी अरसे से ऐक्टंग कर रहा हूं. कलयुग जैसी फ़िल्म करने के बाद मुझे ऐसी स्क्रिप्ट का इंतजार था, जो मुझे मुख्य किरदार के रूप में एक बार फ़िर सिल्वर स्क्रीन पर वापस लेकर आये. फ़िल्म ब्लड मनी की स्क्रिप्ट कुछ ऐसी ही है. मैंने इस बीच जिस भी तरह के किरदार किये, उनमें मैं अपने आपको पूरी तरह साबित नहीं कर पाया. ऐसे में यह जरूरी था कि मैं किसी दमदार स्टोरी से वापसी करूं.
भट्ट कैंप में आपकी वापसी हो रही है ?
पता नहीं, लोग इसे मेरी वापसी क्यों मान रहे हैं. मैं कभी इस परिवार से अलग ही नहीं हुआ था. भट्ट कैंप के साथ मैंने हमेशा अच्छी फ़िल्में की हैं. भट्ट कैंप ने ही तो मुझे कलयुग और जख्म जैसी फ़िल्मों में अहम किरदार दिये हैं. मुझे याद है कलयुग के बाद भट्ट साहब ने खुद कहा था कि कुणाल तुम अच्छे एक्टर हो और हमेशा अच्छा काम करते रहो.
आपकी तुलना इमरान हाशमी से हो रही है ?
हां, क्योंकि इमरान को भी भट्ट कैंप ने निखारा है और अब मैं भट्ट कैंप की कई फ़िल्मों में काम कर रहा हूं. लेकिन मैं दोबारा इस बात को दोहराना चाहूंगा कि मैं भट्ट कैंप से अलग नहीं हुआ था. ( हंसते हुए ) इमरान तो मेरे बाद आये हैं इंडस्ट्री में.
ब्लड मनी के बारे में बताएं ?
इस फ़िल्म में मैंने मुंबई के मिडिल क्लास लड़के का किरदार निभाया है, जो सपने देखता है. अपने प्यार को पाने के लिए अपने सपने पूरा करना चाहता है. इसलिए वह केप टाउन जाता है और हाइ प्रोफ़ाइल डायमंड की कंपनी में नौकरी करता है. उसे लगता है कि उसकी ईमानदारी से वह कामयाब हो जायेगा. लेकिन वह डायमंड माफ़िया के चंगुल में फ़ंस जाता है. यहीं से शुरुआत होती है उसके असली संघर्ष की.
तो, ब्लड मनी डायमंड माफ़िया पर आधारित कहानी है. लेकिन, फ़िल्म के पोस्टर्स तो कुछ और ही कहानी बयां करते हैं? क्या आपको लगता है कि फ़िल्मों की पब्लिसिटी के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाना जायज है ?
जी हां, यह फ़िल्म डायमंड माफ़िया से जुड़े कई राज खोलेगी. रही बात पोस्टर और पब्लिसिटी की तो मैं बस यही कहूंगा कि जिस दृश्य की आप बात कर रही हैं, वह फ़िल्म का अहम हिस्सा है. आप अगर माफ़िया पर आधारित वास्तविक चीजें दिखाना चाहते हैं, तो वहां भजन तो नहीं दिखा सकते.
क्या ऐसी फ़िल्में बनाने में रिस्क की गुंजाइश बढ़ जाती है?
हां, बिल्कुल. मैं इस फ़िल्म के निर्माता व निर्देशक को हैट्स ऑफ़ करता हूं. हमें भी परेशानी हुई. हम बेल्जियम में शूट करना चाहते थे, जहां डायमंड माफ़ियाओं का गैंग है, लेकिन कुछ परेशानियों के चलते हम वहां शूटिंग नहीं कर पाये.
को-स्टार अमृता पुरी के साथ कैसी केमेस्ट्री है ?
शानदार. नये लोगों के साथ काम करने में सबसे ज्यादा मजा इसलिए आता है, क्योंकि वे बेहद ऊर्जा के साथ काम करते हैं, और अमृता तो थियेटर से हैं.
आपने फ़िल्म जख्म में अजय के बचपन की भूमिका निभाई थी फ़िर गोलमाल में साथ काम किया. कैसा रहा अनुभव ?
अजय बेहतरीन कलाकार हैं. उनके साथ हमेशा कुछ न कुछ सीखने का मौका मिलता है. खास बात यह है कि वह अपने जूनियर्स के साथ दोस्तों की तरह बर्ताव करते हैं.
ब्लड मनी को लेकर बॉक्स ऑफ़िस का कितना दबाव है. चूंकि आप इसमें लीड किरदार में हैं ?
मुझ पर कोई दबाव नहीं है. मुझे विश्वास है कि मैंने अच्छा काम किया है और दर्शक मुझे नोटिस करेंगे.

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