20110915

पा ...



अनुराग कश्यप की फिल्म दैट्स गर्ल इन यलो बुट्स की कहानी में एक लड़की अपने पिता की खोज में भारत आती है. और फिर वह यहां कई परिस्थितियों से गुजरती हुई उन लोगों तक पहुंचती है. जहां उसे अपने पिता का पता चलता है. हिंदी सिनेमा में कई वर्षों से ऐसी कहानियां फिल्मायी जा रही हैं, जिनके केंद्र बिंदू में अपने बच्चे द्वारा अपने पिता की खोज की कहानी दर्शाई जाती है.

हिंदी सिनेमा में लगातार कई बार ऐसी कहानियां ध्यान में रख कर लिखी जाती रही हैं, जिनका मुख्य केंद्र उसके बच्चे द्वारा अपने पिता की खोज की कहानी पूरी फिल्म में दर्शायी जाती है. दरअसल, ऐसी कहानियों के लिखे जाने का मुख्य मकसद यही होता है कि किसी भी व्यक्ति के लिए खासतौर से उसकी पहचान कितनी जरूरी है. उसके लिए यह जानना कितना अहम हो जाता है कि आखिर उसके नाम के साथ किसका नाम जुड़ा है. कौन है उसके पिता. यही वजह है कि इस पहचान की जद्दोजहद में वे कहीं भी चले जाते हैं. किसी भी हद तक चले जाते हैं. अपने पहचान की खोज ही उनकी जिंदगी का मकसद हो जाता है. इधर हाल की कुछ फिल्में भी फिर से ऐसी ही कहानियों पर लौट रही हैं.

जिंदगी मिलेगी दोबारा

फिल्म में इमरान का किरदार ंनिभा रहे फरहान अख्तर अपनी जिंदगी से बहुत खुश हैं. वे बिंदास हैं और अपने दोस्तों को भी बेहद खुश रखते हैं. लेकिन इसके बावजूद उनके दिल में एक दर्द है, एक टिस है. कि आखिर उनके पिता कौन है. अपने पिता की खोज में ही इमरान तय करता है कि वह स्पेन जायेगा, चूंकि उसे पता है कि उसके पिता पेंटर है और शायद स्पेन में ही कहीं रहते हैं. वह जाता है. अपने दोस्तों को भी वही ले कर जाने के लिए मनाता है. वह वहां गया तो है छुट्टियां मनाने. लेकिन उसका मकसद अपने पिता की खोज ही है.

दैट्स गर्ल इन यलो बुट्स

अनुराग कश्यप की इस फिल्म में नायिका ब्रिटिश की है. वह भारत आती है और यह तलाशने की कोशिश करती है कि आखिर उसका पिता कौन है. इस दौरान वह एक पार्लर में काम करने लगती है और उसके सामने कई ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जिनका वह खुद से सामना करती है. परत दर परत कहानी खुलती जाती है और दर्शक उन परतों को देख कर अचंभित हो जाते हैं.

यमला पगला दिवाना

फिल्म यमला पगला दीवाना में भी सनी देओल अपने पिता की खोज में वाराणसी पहुंंचते हैंं. धमर्ेंद्र को पता है कि सनी उनके ही बेटे हैं. लेकिन वह इस बात को मानना ही नहीं चाहते. कहानी आगे बढ़ती है और फिर अंत में बॉबी को पता चलता है कि वह जिनके साथ इतने दिनों से रह रहा है वह उनके पिता हैं.

मैं हूं

फिल्म मैं हूं की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. फिल्म में शाहरुख खान आर्मी में हैं. उन्हें अचानक इस बारे में जानकारी मिलती है कि वह अपने पिता की नाजायज औलाद हैं और फिर वह अपने पुराने परिवार की तलाश में निकल पड़ते हैं.

टेल मी खुदा

जल्द ही रिलीज होनेवाली फिल्म टेल मी खुदा में भी कहानी कुछ ऐसी ही है. ऐशा दे्ोल अपने पिताजी की तलाश में पूरी दुनिया की खाक छानती हैं और फिर जब उन्हें पता चलता है कि उनके पिता कौन हैं. वह अचंभित रह जाती हैं.

No comments:

Post a Comment